विशेष संवाददाता, सितम्बर 27 -- उत्तर प्रदेश के गांवों में लोगों कब आमदनी का एक नया विकल्प मिल गया है। इसके साथ ही प्रदेश में पर्यटन अब अयोध्या-काशी, मथुरा की धार्मिक आस्था से आगे गांवों की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश के गांव पर्यटन के नए ठिकाने बन रहे हैं। गांवों में पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, लोक परंपराओं, हस्तशिल्प, खानपान और ग्रामीण जीवन से रूबरू कराने की तैयारी है। इन अनुभवों को पर्यटन से जोड़ने के साथ ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी तैयार हो रहे हैं। एग्री रूरल एंड गंगे ग्राम रूरल टूरिज्म परियोजना के तहत प्रदेश के 234 गांव ग्रामीण पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं।ग्रामीण पर्यटन के लिए पूरा हुआ विकास कार्य परियोजना के तहत अब तक 52 ग्रामीण पर्यटन गांवों का विकास पूरा हो चुका है। पर्यटकों को स्थलों की जानकारी और...