नई दिल्ली, अक्टूबर 18 -- सात हफ्ते। बस इतना ही वक्त बचा है। आयोग के कैलेंडर के मुताबिक प्रारंभिक परीक्षा 6 दिसंबर 2026 को रविवार के दिन होनी है। प्रयागराज से लखनऊ तक कोचिंग हब में रातें जाग रही हैं। मगर एक सवाल उन अभ्यर्थियों को सबसे ज्यादा चुभता है जो दो तीन बार कोशिश कर चुके हैं। मेहनत तो पूरी की फिर नतीजा क्यों नहीं आया? जवाब अक्सर किताबों में नहीं मिलता। वह तैयारी के तरीके में छुपा होता है। सफल हो चुके कई अफसर और शिक्षक यही बात दोहराते हैं। पास होने वाला हमेशा ज्यादा पढ़ने वाला नहीं होता। वह सही पढ़ने वाला होता है। आइए देखें वे पांच गलतियां जो बार-बार दोहराई जाती हैं।1. पिछले साल के पेपर से दूरी बहुत से अभ्यर्थी सिलेबस खत्म करने में लगे रहते हैं। पुराने प्रश्नपत्र हल करना उन्हें बाद का काम लगता है। यही सबसे बड़ी भूल है। पिछले सालों के...