प्रयागराज, सितम्बर 2 -- यूपीटीईटी-2026 के परिणाम के प्रत्यावेदनों के समयबद्ध निस्तारण की मांग उठी है। प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि प्रत्यावेदनों में मुख्य रूप से ओएमआर में छोटी/तकनीकी त्रुटियों के कारण अभ्यर्थन निरस्त करने, बिना स्पष्ट एवं सार्वजनिक मानक के मानकीकरण (नॉर्मलाइजेशन) करने तथा कुछ अभ्यर्थियों की ओएमआर बिना स्पष्ट त्रुटि के भी अस्वीकृत किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष को ज्ञापन भेजकर कई सवाल उठाए हैं। पांच सदस्यीय समिति कब तक अपनी जांच पूरी करेगी, समिति अपनी रिपोर्ट किस निश्चित तिथि तक आयोग को सौंपेगी, प्राप्त प्रत्यावेदनों की जांच का स्पष्ट रोडमैप एवं प्रक्रिया क्या होगी, क्या अभ्यर्थियों की ओएमआर को आवश्यकता पड़ने पर मैनुअल/मानवीय स्तर पर पुनः जांच किया जाएग...