नई दिल्ली, अक्टूबर 10 -- यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में हर साल करीब 9 से 10 लाख अभ्यर्थी बैठते हैं। लेकिन सिर्फ 800 से 900 लोगों का ही चयन हो पाता है। चयनितों में बहुत से अभ्यर्थी ऐसे होते हैं जो आईएएस अफसर बनने का ख्वाब लेकर फिर से यूपीएससी परीक्षा में बैठते हैं। यूपीएससी में टॉप रैंक लाने वाले अभ्यर्थियों को ही आईएएस मिलता है। आमतौर पर अभ्यर्थियों की पसंद भी आईएएस ही होता है। लेकिन यहां उस उम्मीदवार की बात हो रही है जिसने यूपीएससी सिविल सर्विसेज एग्जाम में सेकेंड टॉप (पुरुषों में टॉपर) करने बावजूद आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) छोड़ आईएफएस (भारतीय विदेश सेवा) चुना। पंजाब के अमृतसर के रहने वाले अनमोल शेर सिंह बेदी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2016 में प्रहले प्रयास में दूसरी रैंक हासिल की। पुरुषों वे टॉपर बने। लेकिन उन्होंने परंपरा से ...