नई दिल्ली, अप्रैल 20 -- अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के दो व्यक्तियों ने एच-1बी वीजा धोखाधड़ी की साजिश रचने का आरोप स्वीकार कर लिया है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, कैलिफोर्निया के डबलिन शहर के निवासी संपथ राजिदी और श्रीधर मदा ने विदेशी नागरिकों को नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की। दोनों आरोपियों ने विदेशी श्रमिकों को कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (University of California) में नौकरी दिलाने का झूठा वादा किया, जबकि वास्तव में विश्वविद्यालय में ऐसी कोई भर्ती प्रक्रिया या पद उपलब्ध नहीं थे। अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, यदि दोषी साबित होते हैं तो दोनों को अधिकतम पांच साल तक की जेल की सजा और 2 लाख 50 हजार डॉलर तक का भारी जुर्माना लग सकता है।दस्तावेजों से हुआ खुलासा अमेरिकी न्याय विभाग ने शुक्रवार को जारी दस्तावेजों में खुल...