कानपुर, जनवरी 25 -- झींझक। केंद्र सरकार द्वारा जारी यूज़ीसी बिल के विरोध में युवकों ने विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की। बिल को समाज के एक विशेष वर्ग को प्रभावित करने वाला बताते हुए इसे तत्काल वापस लिए जाने की मांग की। कस्बे के हनुमान चौराहा पर नवयुवकों ने हाथों में तख्ती लेकर 13 जनवरी को केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए यूजीसी बिल को विशेष रूप से सवर्ण जातियों को प्रभावित करने वाला बताया। विद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है और वहां किसी भी प्रकार क़ी जातिगत भावना के आधार पर कानून बनाना समाज में विभाजन पैदा करने जैसा है। युवकों ने अंदेशा जताया कि बिल लागू होने से हिंदू समाज में आपसी आपसी कटुता की स्थिति उत्पन्न कर सकता है। शिक्षा व्यवस्था को समानता और समरसता के आधार पर चलाया जाना चाहिए ना कि किसी एक वर्ग को प्रभावित करने वाले प्रावधान के जरिए। इस...