आगरा, जनवरी 29 -- अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुमंत गुप्ता ने यूजीसी के नए कानून को स्वर्ण समाज पर कुठाराघात बताते हुए इसे काला कानून करार दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि यदि यह कानून शीघ्र वापस नहीं लिया गया तो वैश्य समाज को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। परिषद के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल ने कहा कि यह कानून हिंदू समाज के भीतर असमानता फैलाने वाला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्य एकता परिषद 1 फरवरी को प्रस्तावित बाजार बंदी का पूर्ण समर्थन करती है। प्रदेश अध्यक्ष मनीष अग्रसेना ने कहा कि यूजीसी का यह कानून स्वर्ण समाज के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने वाला है। इससे समाज के अस्तित्व पर संकट उत्पन्न होगा। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में समाज की बहन-बेटियां कॉलेज जाने से डरें...