नई दिल्ली, जनवरी 27 -- नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने बयान जारी कर कहा है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी अधिसूचना विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन हेतु) विनियम, 2026 के मूल उद्देश्यों की सराहना करती है लेकिन विनियमों में स्पष्टता और संतुलन अत्यंत आवश्यक है। एबीवीपी का मानना है कि यूजीसी और सभी शैक्षणिक संस्थानों को लोकतंत्र की उस अंतर्निहित भावना को अक्षुण्ण रखना चाहिए, जहां प्रत्येक नागरिक के पास समान अधिकार हों और भारत भेदभाव मुक्त तथा समता युक्त बने। एबीवीपी सदैव ही शैक्षिक परिसरों में सकारात्मक और समतायुक्त परिवेश बनाने की दिशा में कार्य करती रही है और लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्धन की पक्षधर रही है। आगामी वर्षों में 'विकसित भारत' के संकल्पना को सिद्ध...