रामगढ़, जनवरी 31 -- गोला, निज प्रतिनिधि। भारत सरकार ने यूजीसी जैसे काला कानून के जरिए समाज को बांटने का प्रयास किया है। जिसका विरोध होना स्वाभाविक है। ऐसे कानून बनाने से पहले सरकार को यह सोंचना चाहिए कि इस कानून से किसकी भलाई कर रहे हैं। ये बातें सार्वभौम शाकद्वीपीय ब्राह्मण महासंघ झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष मनोज मिश्र ने शुक्रवार को पत्रकारों से कही। उन्होंने कहा कि यह काला कानून देश में पूरे सनातन समाज को बांटने का प्रयास था। जिसका दुरूपयोग निश्चित रुप से होता। वर्ष 2012 में संसोधित इस कानून में यूनिवर्सिटी में किसी भी आरोपों पर जांच का प्रावधान है। वर्तमान में जो बिल लाया जा रहा है। उसमें किसी भी आरोपों पर सीधा कार्यवाई करने की बात कही गई है। इससे उच्च वर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ता। इस काला कानून के लिए लोगों को सुप्रीम कोर्ट का द...