नई दिल्ली, मई 27 -- रूस ने एक बार फिर यूक्रेन में अमेरिका समर्थित जैविक गतिविधियों का गंभीर आरोप लगाया है। रूसी जांच समिति ने दावा किया है कि उसे ठोस सबूत मिले हैं, जिनसे साबित होता है कि यूक्रेन के स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े जैविक अनुसंधान कार्यक्रमों को अमेरिकी रक्षा विभाग की वित्तीय सहायता प्राप्त थी। स्पुतनिक इंडिया के अनुसार, जांच समिति की प्रवक्ता स्वेतलाना पेट्रेंको ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच पर कहा कि जांचकर्ताओं को 'सामूहिक विनाश के हथियारों के विकास और भंडारण' से संबंधित सामग्री मिली है। उनके बयान में प्लेग, एंथ्रेक्स, ब्रुसेलोसिस और टुलारेमिया जैसे खतरनाक रोगाणुओं पर किए गए शोध का जिक्र किया गया। ये सभी रोगाणु संभावित जैविक युद्ध एजेंट माने जाते हैं।रूस का क्या है आरोप? 2022 में यूक्रेन में विशेष सैन्य अभियान शुरू होने के बा...