नई दिल्ली, सितम्बर 4 -- सुहेल हामिद हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद शुद्धिकरण को लेकर सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। कांग्रेस इस मुद्दे पर आक्रामक ढंग से आगे बढ़ रही है। पार्टी की कोशिश है कि 2027 में होने वाले उत्तराखंड सहित दूसरे राज्यों के विधानसभा चुनाव तक मुद्दे को बरकरार रखा जाए। कांग्रेस एक रणनीति के तहत मुद्दे को अहमियत दे रही है, क्योंकि उत्तराखंड, यूपी, पंजाब और गुजरात में दलित मतदाता हैं। 2024 के आम चुनाव में 'संविधान खतरे में है' के मुद्दे पर इंडिया गठबंधन एक हद तक दलित वोटरों का भरोसा जीतने में सफल रहा था। उत्तराखंड में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव हैं। प्रदेश की 70 में से 15 सीट एससी व एसटी के लिए आरक्षित हैं। पर दलित मतदाता करीब दो दर्जन सीट पर असर डालते हैं। हरिद्वार और उधम सिंह नगर क...