नई दिल्ली, दिसम्बर 27 -- दिल्ली के प्रदूषण को यूं ही जहरीला नहीं माना जाता। दिल्ली की हवा इसलिए खराब है क्योंकि इसमें 19 प्रकार के हानिकारक तत्व (एलीमेंट) मौजूद हैं। इनमें से कई तत्व कैंसरकारी हैं तो कुछ ऐसे भी हैं, जो तमाम प्रकार की स्वास्थ्य परेशानियां पैदा करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इनके स्रोत पर नियंत्रण करके ही इनसे होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। प्रदूषण के स्तर को आमतौर पर पीएम 10 और पीएम 2.5 के आधार पर प्रकट किया जाता है, लेकिन पीएम 10 और पीएम 2.5 से केवल प्रदूषक कणों का आकार ही पता चलता है। पीएम 10 प्रदूषक कणों का व्यास 10 माइक्रोमीटर या उससे कम होता है, जबकि पीएम 2.5 प्रदूषक कण बेहद बारीक होते हैं। इनकी बारीकी का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि यह इंसानी बाल की मोटाई से लगभग 30 गुना छोटा होता है। बहुत बारीक होने...
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