नई दिल्ली, जून 19 -- सुप्रीम कोर्ट ने आर्थिक कठिनाइयों के कारण युवा और होनहार वकीलों के पेशा छोड़ने पर चिंता जताई। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को कहा कि प्रतिभाओं के पलायन को रोकने के लिए एक 'सहायता कोष' बनाया जाना चाहिए। मुख्य न्यायधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने केंद्र सरकार, सभी राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों तथा अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। यह नोटिस उस याचिका पर जारी किया गया, जिसमें वकालत के शुरुआती वर्षों के दौरान युवा वकीलों के सामने आने वाली आर्थिक चुनौतियों को रेखांकित किया गया है। पीठ ने कहा कि युवा वकीलों के सामने आने वाली आर्थिक चुनौतियों का मुद्दा 'लिंग निरपेक्ष' है और इस पर गंभीरता से विचार करना जरूरी है। पीठ ने कहा कि इसलिए हमें लगता है कि युवा वकीलों के लिए पेशेवर सहायता कोष बनाना चाहिए। पीठ ने कहा ...