युवा वकीलों के प्रति जजों को धैर्य रखना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली, मई 11 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि जजों को धैर्य रखने और युवा वकीलों के प्रति उत्साह बढ़ाने वाले व्यवहार अपनाने की जरूरत है। शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश द्वारा एक युवा वकील को हिरासत में भेजने की धमकी दिए जाने से संबंधित मामले में की। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि अब इस मामले में किसी तरह का आदेश देने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह मामला हाईकोर्ट के स्तर पर ही मुख्य न्यायाधीश और बार एसोसिएशन की भागीदारी से सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि 'चूंकि न्यायाधीश की मौखिक टिप्पणियां किसी लागू होने योग्य आदेश में तब्दील नहीं हुई और न्यायाधीश ने इस वजह से टिप्पणी की थी कि उक्त वकील ने ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.