गिरडीह, अगस्त 18 -- पीरटांड़, प्रतिनिधि। युवा शक्ति को लाठी के बल पर नहीं, बल्कि प्रेरणा और सही दिशा देकर बदला जा सकता है। सख्ती युवाओं को उग्र बना सकती है, जबकि प्रेरणा उन्हें सकारात्मक परिवर्तन की ओर ले जाती है। युवा को पलट दें तो वायु बनता है। जिस ओर वायु चलती है पूरा वातावरण उस दिशा में प्रभावित होता है अर्थात वायु को कोई रोक नहीं सकता है। उक्त बातें मधुबन स्थित गुणायतन में साधनारत मुनि प्रमाण सागर जी महाराज शंका समाधान कार्यक्रम में एक सेवानिवृत अधिकारी के प्रश्नों के जवाब में बोल रहे थे। कहा कि शक्ति से नहीं, प्रेरणा से परिवर्तन किया जा सकता है। शक्ति युवाओं को उग्र बनाती है जबकि प्रेरणा उन्हें परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करती है। मुनि श्री सोमवार को गुणायतन के नवीन परिसर में आयोजित सांयकालीन शंका-समाधान कार्यक्रम में सेवानिवृत्त अधिका...