युवा अपने मूल्यों से जुड़े रहें और राष्ट्र अपनी सांस्कृतिक पहचान पर करें गर्व
अररिया, जून 20 -- जोगबनी, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि कोशी प्रदेश की राजधानी विराटनगर में आयोजित भव्य सनातन सम्मेलन में भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं, बुद्धिजीवियों एवं धर्मप्रेमियों की उपस्थिति रही। सम्मेलन में सनातन, बौद्ध तथा किरात परंपराओं के धर्मगुरुओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए धार्मिक सद्भाव, सांस्कृतिक एकता और मानवीय मूल्यों के संरक्षण पर बल दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जूना अखाड़ा के पीठाधीश्वर एवं आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि सनातन केवल एक धर्म नहीं, बल्कि जीवन जीने का विज्ञान है। यह किसी संकीर्ण पहचान का नाम नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग है। उन्होंने भारत और नेपाल के संबंधों को साझा संस्कृति, आस्था, हिमालय, वेद, ऋषि...
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