चित्रकूट, अगस्त 24 -- चित्रकूट। गायत्री शक्तिपीठ में शिक्षक गरिमा शिविर का आयोजन हुआ। जिसमें युवाओं में व्यसन, नशा और कुरीतियों को दूर करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रयास करने पर जोर दिया गया। व्यवस्थापक डा रामनारायण त्रिपाठी ने गायत्री परिवार के उद्देश्य से अवगत कराया। कहा कि शिक्षक समाज में परिवर्तन लाने के मुख्य आधार के रूप में है। ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो आलोक चौबे ने कहा कि शिक्षक छात्रों के अंदर अनुकूल परिवर्तन उत्पन्न कर सकते हैं। अपने प्रेम, व्यवहार और अपनी गरिमा का आभास होने पर पूर्व जन्म जैसा व्यवहार कर छात्रों के जीवन में परिवर्तन आसानी से लाया जा सकता है। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि प्रयाग यूनिवर्सिटी के प्रो सब्यसाची त्रिपाठी ने कहा कि गुरुओं में प्रेम ऐसा था कि शिष्य सहज बदलता चला जाता था। मौ...