चंदौली, मई 31 -- इलिया, हिन्दुस्तान संवाद। सैदूपुर बुद्ध विहार महामाया सरोवर की ओर से आयोजित पांच दिवसीय संगीतमय सनातनी बुद्ध धम्म देशना कथा के तीसरे दिन बोध गया की कथा वाचिका भन्ते बंदना ने भगवान बुद्ध के बाल्यकाल से युवावस्था तक के जीवन प्रसंगों का विस्तृत वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि बचपन से ही राजकुमार सिद्धार्थ का स्वभाव अत्यंत शांत, करुणामय और चिंतनशील था। उनके व्यक्तित्व में दया, प्रेम और संवेदनशीलता के गुण स्पष्ट दिखाई देते थे।

राजकुमार सिद्धार्थ का जीवन कथावाचिका ने कहा कि युवराज सिद्धार्थ अन्य राजकुमारों की तरह सांसारिक सुख-सुविधाओं और भोग-विलास में रुचि नहीं लेते थे। वे अक्सर जीवन के वास्तविक उद्देश्य और मानव दुखों के कारणों पर विचार करते रहते थे। उनके वैराग्यपूर्ण विचारों और संसार से विरक्ति की भावना को देखकर पि...