गुरुग्राम, सितम्बर 29 -- रिपोर्ट- निखिल पाठक गुरुग्राम के रियल एस्टेट कारोबारी युवराज मनचंदा के शव को संभालने और पोस्टमार्टम में गंभीर लापरवाही के आरोपों पर साकेत कोर्ट ने गुरुग्राम पुलिस के अधिकारियों और सिविल अस्पताल के एक डॉक्टर की भूमिका की जांच के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा कि शव को ठिकाने लगाकर सबूत मिटाने में पुलिसकर्मियों और डॉक्टर की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल जैन की अदालत ने गुरुग्राम के डीसीपी को आदेश की कॉपी भेजते हुए दो सप्ताह में रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। साथ ही गुरुग्राम सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. मानव चौहान को 15 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिली विसंगतियों की स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। अदालत मनचंदा की बहन हरसिमरन की दो अर्...