प्रयागराज, फरवरी 17 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता। मुट्ठीगंज थानाक्षेत्र के एक पुराने आपराधिक मामले में अदालत का फैसला आने के बाद एक दिलचस्प तथ्य सामने आया है। जिस युवक ने शराबियों से हुए विवाद के दौरान बीचबचाव किया था, उसी पर बाद में हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धारा लगा दी गई। करीब 14 वर्ष चली सुनवाई के बाद अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपी अनुज अग्रवाल को दोषमुक्त कर दिया। अपर सत्र न्यायाधीश सीमा सिंह ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को युक्तियुक्त संदेह से परे साबित नहीं कर सका। गवाहियों में भी विरोधाभास सामने आए। प्रत्यक्ष साक्ष्य के अभाव और विरोधाभासी बयानों को देखते हुए आरोपी को संदेह का लाभ दिया जाना उचित है। अदालत ने आरोपी अनुज अग्रवाल को बरी कर दिया। मामला 2012 का है। धारा 307 आईपीसी के तहत दर्ज किया गया था। वादी अरुण कुमार अग्रवाल...