वाराणसी, अप्रैल 9 -- वाराणसी। मध्य पूर्व एशिया में 39 दिन बाद अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध रुकने को लेकर वैश्विक राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध विराम का मध्यस्थ बनने से पाकिस्तान का कद बढ़ा है। हालांकि भारत की वैश्विक छवि पर इसका असर नहीं पड़ेगा। भविष्य में पाकिस्तान अपनी इस छवि का इस्तेमाल कैसे करता है, इसपर भारत का अगला कदम तय होगा।बीएचयू स्थित यूनेस्को पीस चेयर के अध्यक्ष और पूर्व आचार्य प्रो. प्रियंकर उपाध्याय इस युद्ध और विराम को वैश्विक राजनीति में एक 'शिफ्ट' की तरह देखते हैं। उन्होंने कहा कि इसे पिछले कई दशकों में पाकिस्तान की सबसे बड़ी राजनयिक उपलब्धि के तौर पर देखा जा सकता है। जिस देश की छवि आतंकी राष्ट्र की थी, उसे अब शांतिदूत का तमगा मिला है। यह बदलाव निश्चित तौर पर अमेरिका, मध्य पूर्व...