युद्ध नहीं, शांति ही मानवता का भविष्य
नई दिल्ली, अगस्त 5 -- विश्व भर में 6 अगस्त को हिरोशिमा दिवस मनाया जाता है। यही वह दिन है, जब वर्ष 1945 में अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर पहला परमाणु बम गिराया था। इस दिन हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी जाती है और शांति, परमाणु निरस्त्रीकरण व मानवता का संदेश दिया जाता है। आज लगभग आठ दशक बाद भी, यह दिन इतिहास का स्मरण भर नहीं है, बल्कि वर्तमान विश्व को चेतावनी देने वाला एक अवसर है। कहना गलत नहीं होगा कि आज पूरी दुनिया मानो बारूद के ढेर पर खड़ी है। हर ओर युद्ध, संघर्ष और तनाव का वातावरण दिखाई देता है। रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल तनाव, गाजा संघर्ष और अन्य क्षेत्रीय विवाद वैश्विक शांति के सामने गंभीर चुनौती बन गए हैं। वास्तव में, युद्ध किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, बल्कि इससे नई समस्याओं की शुरुआ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.