शाहजहांपुर, मार्च 17 -- तिलहर, संवाददाता। मध्य-पूर्व में छिड़े युद्ध के बीच फंसी तिलहर की प्रियंका पाठक की वापसी ने एक भयावह अनुभव की परतें खोल दीं। भाजपा नेता संजय पाठक की बेटी प्रियंका अपने पति अनुज पाठक, बेटी अव्याना और बेटे आहान के साथ बहरीन में थीं, जहां अचानक हालात बिगड़ने पर उन्हें करीब 15 दिन तक कार पार्किंग में शरण लेनी पड़ी। प्रियंका ने बताया कि जिस जगह वे रुके थे, वह आर्मी एरिया के बेहद करीब थी। आसपास लगातार खतरे का माहौल था और एयरपोर्ट पूरी तरह बंद कर दिए गए थे। उनके साथ कई अन्य भारतीय भी वहीं फंसे हुए थे। बच्चों के साथ खुले हालात में रहना, हर पल हमले का डर और अनिश्चितता ने हालात को और भी कठिन बना दिया। काफी इंतजार के बाद उन्हें सड़क मार्ग से सऊदी ले जाया गया। वहां से मुंबई की फ्लाइट मिली, लेकिन सऊदी एयरपोर्ट से निकलते समय भी ...