जमशेदपुर, मार्च 25 -- मध्य पूर्व में जंग का असर अब स्टेशनरी के सामानों पर भी पड़ने लगा है। कुछ वस्तुओं की कीमतें बढ़ चुकी हैं, जबकि कई अन्य के महंगे होने की आशंका जताई जा रही है। नए सत्र में नामांकन का समय है। हर घर जहां बच्चे हैं, वहां अभिभावकों को किताब, कॉपी और स्टेशनरी पर हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। युद्ध के कारण स्टेशनरी की बढ़ती कीमतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कार्यालयों, फोटो स्टेट, प्रिंट और कंप्यूटर दुकानों पर भी खर्च बढ़ने लगा है। खासकर पेट्रोलियम पदार्थों से बने या विदेश से आने वाले सामानों की कीमतें प्रभावित हुई हैं। इंक से लेकर प्लास्टिक उत्पाद तक हुए महंगेसाकची के थोक स्टेशनरी दुकानदार एके दत्ता ने बताया कि कंप्यूटर प्रिंटर इंक पहले 350 रुपये में मिलता था, अब 480 रुपये में मिल रहा है। प्लास्टिक टेप पहले 50 रुपये...