नई दिल्ली, अप्रैल 7 -- अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते दुनियाभर में सुरक्षित निवेश की रणनीति में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। आमतौर पर संकट के समय लोग सोने में निवेश करते हैं, लेकिन इस बार बड़ी संख्या में निवेशक डॉलर को ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने और ब्याज दरें ऊंची रहने से डॉलर मजबूत हुआ है, जबकि सोने में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है।सोने की अहमियत कायम जब तक कच्चे तेल की कीमत ऊंची बनी रहेगी, महंगाई का डर बना रहेगा और बॉन्ड यील्ड ऊंची रहेगी, तब तक डॉलर को सोने पर बढ़त मिल सकती है। लेकिन सोने की अहमियत खत्म नहीं होगी। संभव है थोड़े समय सोना कमजोर रहे, लेकिन लंबे समय में सोना आर्थिक संकट, मुद्रा कमजोरी और वैश्विक अस्थिरता के खिलाफ सुरक्षा देने वाला निवेश बना रहेगा। यह भी पढ़ें- डॉलर के मुकाबले रु...