नई दिल्ली, मार्च 18 -- दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ चुके हैं, लेकिन अभी तक भारत के लोगों के लिए राहत है। ईरान-इजरायल युद्ध की आग में जल रहे मिडिल-वेस्ट के चलते कच्चे तेल में उबाल है। इसका असर ईंधन की कीमतों पर पड़ रहा है। 23 फरवरी 2026 को जहां दुनिया भर में ईंधन की कीमतें सामान्य स्तर पर थीं, वहीं ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद से हालात पूरी तरह बदल गए। ब्रेंट क्रूड ने 71 डॉलर प्रति बैरल से छलांग लगाते हुए 100 डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया। यह करीब 45 प्रतिशत की बढ़ोतरी है, जो ग्लोबल एनर्जी मार्केट में युद्ध की गंभीर आशंकाओं को साफ दर्शाता है।कीमतों का सीधा असर आम आदमी की जेब पर इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ना शुरू हो गया है। ग्लोबल पेट्रोल प्राइस डॉट कॉम के मुताबिक ग्लोब...