कोडरमा, जून 5 -- डोमचांच। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर चिंताएं और गहरी होती जा रही हैं। जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी युद्धों ने पृथ्वी के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। पर्यावरणविदों का मानना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ पृथ्वी बचाना चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, वर्ष 2025 में दुनिया ने रिकॉर्ड स्तर की गर्मी, बाढ़ और सूखे का सामना किया। ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और समुद्र के बढ़ते जलस्तर ने पर्यावरणीय असंतुलन को और बढ़ा दिया है। यह भी पढ़ें- स्वच्छ, हरित और सुरक्षित अररिया बनाने का लें संकल्प वहीं खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्षों ने पर्यावरण संकट को नई चुनौती दी है। विशेषज्ञों का कहन...