एटा, जून 24 -- अलीगंज, हिन्दुस्तान संवाद। बुधवार को मुहर्रम की आठवीं तारीख को कस्बा में गम-ए-हुसैन में डूबा नजर आया। सुबह से ही विभिन्न मोहल्लों में अकीदतमंदों की आवाजाही शुरू हो गई। दोपहर बाद गंगा दरवाजा से पारंपरिक रूप से अलम उठाए गए, जिनके साथ बड़ी संख्या में लोगों ने जुलूस में शिरकत की। जुलूस के दौरान लोगों ने जगह-जगह अलम का इस्तकबाल किया और शर्बत, पानी का वितरण किया। जुलूस के दौरान नोहे पढ़े गए और मातम कर करबला की दर्दनाक घटना को याद किया गया। हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत का जिक्र होते ही माहौल गमगीन हो उठा और कई अकीदतमंद भावुक हो गए। यह भी पढ़ें- मोहर्रम की सातवीं निकला अलम का जुलूस, कर्बला की याद में मातम जुलूस में युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने अनुशासन और श्रद्धा के साथ जुलूस में शामिल ...