प्रयागराज, जून 24 -- प्रयागराज, संवाददाता। माहे मोहर्रम की आठवीं तारीख पर चक जीरो रोड स्थित इमामबाड़ा डिप्टी जाहिद हुसैन में मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस को मौलाना सैयद जमीर हैदर रिजवी ने फौजे हुसैनी के अलमबरदार गाजी अब्बास की शहादत का जिक्र किया तो अजादार सिसक उठे। उन्होंने कहा कि तीसरी मोहर्रम से यजीदी लश्कर ने नहरे फोरात पर पहरा लगा दिया था। जिसकी वजह से खैमा-ए-हुसैनी में एक बूंद भी पानी नहीं था। खैमा में छोटे-छोटे बच्चे अल अलश-अल अतश की सदाएं बुलंद कर रहे थे।

गाजी अब्बास की शहादत गाजी अब्बास नहरे फोरात से पानी लेने गए थे, जहां यजीदी लश्कर ने उन्हें तीर और भालों से जख्मी कर दिया। मश्कीज, जिसमें पानी भरा था उसे भी तीर मारकर छेद कर दिया गया। हजरत अब्बास को शहीद कर दिया गया। यह वाकया सुनकर अजादारों की आंखें नम हो गईं। इसके पहले मजलिस क...