नई दिल्ली, अप्रैल 18 -- नई दिल्ली विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि यात्री सुरक्षा संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत 'सम्मान के साथ जीने अधिकार' का एक अभिन्न अंग है। शीर्ष अदालत ने देशभर में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गो के साथ साथ एक्सप्रेसवे पर मौजूद व्यवस्थागत और बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए निर्देश जारी करते हुए यह टिप्पणी की है।जस्टिस जेके माहेश्वरी और अतुल एस चंदुरकर की पीठ ने 13 अप्रैल को संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी असाधारण शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए दो दुखद सड़क हादसों से जुड़े मामले में यह आदेश दिया है। यह भी पढ़ें- अर्धसैनिक बल कर देंगे तैनात... SC की चेतावनी, 3 राज्यों को क्यों लगाई फटकार? पीठ ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) सहित तमाम सक्षम प्राधिकारों क...