नई दिल्ली, अप्रैल 23 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के संबंध में एक महत्वपूर्ण आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि यदि यात्री ट्रेन में वैध टिकट के साथ प्रवेश कर रहा है तो ऐसे में उसे सीट तक पहुंचाने, भारी भीड़ और धक्का-मुक्की नियंत्रित करने का काम रेलवे का है। पीठ ने कहा कि रेलवे को अपनी गलती को दबाने के बजाय इसकी जिम्मेदारी उठाना चाहिए। हाई कोर्ट ने कहा कि भीड़ या धक्का-मुक्की का शिकार बने पीड़ितों के परिवारों को रेलवे को हर हाल में मुआवजा देना होगा। जस्टिस मनेाज कुमार ओहरी की पीठ ने रेलवे दुर्घटना के तकरीबन सात मामलों में इस महीने केंद्र सरकार को उचित मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। पीठ ने इन मामलों में रेल के भीतर व रेलवे परिसर में किसी भी तरह की भीड़ व धक्का-मुक्की को नियंत्रित करने का भार रेलवे पर डाला है। यह भी ...