गौरीगंज, सितम्बर 24 -- शुकुल बाजार। संवाददाता यात्रियों की सुरक्षा को दर किनार करके बस मालिक केवल अपनी कमाई पर ही ध्यान देते हैं। लंबी दूरी वाली बसों या अन्य मॉल वाहक वाहनों में केवल एक ड्राइवर और एक क्लीनर से ही काम चलाया जाता है। ऐसे में चालक जल्द सफ़र को पूरा करने के चक्कर में वाहनों को तेज गति से दौड़ाते है। यह भी पढ़ें- 9 लोगों की जान गई, फिर वही सवाल... स्लीपर बस में आग लगते ही क्यों फंस जाते हैं यात्री?स्लीपर बसों में लापरवाही स्लीपर बसों में कमाई के चक्कर में क्षमता से अधिक यात्रियों को चढ़ा लिया जाता। जिससे यात्रियों को आपात समय में निकलने में बाधा आती है। यही नहीं यात्रियों के सामानों की चेकिंग भी नहीं की जाती है। अक्सर गांव से शहर जाने वाले लोग अपने साथ में छोटा सिलेंडर साथ लेकर जाते है। ये भी घटना की वजह बन जाती है। लापरवाही का...