अररिया, मार्च 1 -- फारबिसगंज, निज संवाददाता। जोगबनी सीमा क्षेत्र से लेकर फारबिसगंज और आसपास के इलाकों के प्रवासी मजदूरों के लिए इस बार होली की घर वापसी किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं रही। भारत-नेपाल सीमा के इस क्षेत्र के लगभग 90 प्रतिशत प्रवासी मजदूर और निजी क्षेत्र में काम करने वाले लोग सीधे दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से जुड़े हैं। हर वर्ष होली के अवसर पर इन क्षेत्रों के लिए विशेष ट्रेनें चलाई जाती थीं, लेकिन इस बार स्पेशल ट्रेन नहीं चलने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल यात्रियों के पास एकमात्र विकल्प कटिहार-अमृतसर पूजा स्पेशल ही है, जो चल तो रही है, लेकिन इसकी रफ्तार और भीड़ यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। कटिहार से अमृतसर की दूरी करीब 1400-1500 किलोमीटर है, लेकिन इस ट्रेन को गंतव्य तक पहुंचने में लगभग 44 घं...