रामगढ़, फरवरी 11 -- केदला, निज प्रतिनिधि। चार श्रम कोड के खिलाफ बुधवार को एनसीओईए क्षेत्रीय कार्यालय केदला में संयुक्त ट्रेड यूनियन के लोगों ने हड़ताल को लेकर एक बैठक का आयोजन किया। बैठक में संयुक्त ट्रेड यूनियन के नेताओं ने कहा कि 12 फरवरी को होने वाला हड़ताल कोयला मजदूरों का दिशा और दशा तय करेगा। वर्ष 2020 में चार श्रम कोड पारित किए गया था। भारी विरोध के बावजूद चारों श्रम कोड को सरकार ने लागू कर दिया है। जिसे मजदूर वर्ग काला कानून मानता है। यह कानून मेहनतकश मजदूरों के साथ धोखा है। यह श्रम कोड पुराने नौ कानूनों की जहग लाया गया है। केंद्र में बैठी भाजपा सरकार अपने पूंजीपति साथियों के मुनाफे की भूख को पूरा करने के लिए इस हद तक समर्पित है कि वह मजदूर वर्ग पर लगातार हमले कर रही है। काम के घंटे 12 घंटा होगा, हड़ताल करने पर भी पाबंदी, पक्की नौ...