नई दिल्ली, सितम्बर 2 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने मैटरनिटी लीव को लेकर अहम फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा कि मैटरनिटी लीव (प्रसूति अवकाश) से लौटने वाली महिला कर्मचारी को उसी पद पर वापस काम पर रखने का अधिकार है, जिस पर वह छुट्टी पर जाने से पहले काम कर रही थी। कोर्ट ने कहा कि कार्यस्थल पर मातृत्व को अपमान का कारण नहीं बनने दिया जा सकता। जस्टिस सचिन दत्ता की बेंच ने कहा कि अगर किसी महिला की मैटरनिटी से पहले वाली पोस्ट अब उपलब्ध नहीं है तो उसे सैलरी, ग्रेड, स्टेटस, जिम्मेदारियों, अधिकार और करियर की संभावनाओं के मामले में उसी के बराबर की दूसरी पोस्ट दी जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि काम पर लौटने से पहले एम्प्लॉयर को उसे पोस्ट के उपलब्ध न होने के कारणों के बारे में बताना चाहिए और प्रस्तावित वैकल्पिक पोस्ट की जानकारी देनी चाहिए। इसमें उसका ग्रेड, सैलरी,...