चंडीगढ़, जनवरी 11 -- मन में चाहत और आत्मविश्वास हो तो शारीरिक चुनौतियां भी सफलता में आड़े नहीं आती। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है हार्दिक कौशल ने। 7 साल की उम्र में अपने दोनों हाथ खोने वाले हार्दिक ने राजस्थान सिविल जज परीक्षा में पास होकर मिसाल कायम कर दी। हार्दिक कौशल ने हाल ही में राजस्थान सिविल जज परीक्षा पास की है। बचपन में एक दुखद बिजली दुर्घटना में उनके दोनों हाथ कट गए थे। एएनआई से बात करते हुए कौशल ने कहा कि चुनौतियां शारीरिक से अधिक मानसिक होती हैं। उन्होंने आंतरिक शक्ति और आत्मविश्वास के महत्व पर जोर दिया।जो हुआ सो हुआ, वह सब अतीत की बात हार्दिक ने कहा कि शारीरिक रूप से कुछ भी चुनौतीपूर्ण नहीं है। मुझे लगता है कि यह सब मन का खेल है। जो हुआ सो हुआ। वह सब अतीत की बात है। आप इसके बारे में कुछ नहीं कर सकते। आप जो कर सकते हैं वह यह है कि आ...