जयपुर, जुलाई 18 -- कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारों की आवाज़ माने जाने वाले सोनम वांगचुक को अनशन स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराने की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। पायलट ने कहा कि सरकार अगर चाहती तो गांधीवादी तरीके से बातचीत कर समाधान निकाल सकती थी, लेकिन संवाद की बजाय विरोध की आवाज़ दबाने का रास्ता चुना गया। जयपुर के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में एनएसयूआई के 'छात्र संविधान संवाद' कार्यक्रम में पहुंचे पायलट ने कहा कि वांगचुक की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए था। उनका आरोप था कि संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले इस मुद्दे को दबाने के लिए जल्दबाजी में कार्रवाई की गई, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। यह भी पढ़ें- राजस्थान से 7 बच्चों की सीक्रेट शिफ्टिंग! फ्री...