गाजियाबाद, मार्च 12 -- सुप्रीम कोर्ट द्वारा इच्छामृत्यु पाने वाले हरीश राणा के पिता ने कहा कि यह उनके लिए बेहद दर्दनाक है। हरीश के पिता ने कहा कि उनकी भावनाएं मिली-जुली हैं। एक पिता के तौर पर यह बेहद दर्दनाक है। लेकिन मानवीय दृष्टि से मेरे बेटे के लिए हम यही सबसे अच्छा कर सकते हैं। वह मंगलवार का दिन था। 20 अगस्त 2013 को रक्षाबंधन के दिन राणा परिवार के घर फोन की घंटी बजी। उस समय एक निजी खानपान कंपनी में शेफ के रूप में काम कर रहे अशोक राणा ने फोन उठाया। दूसरी तरफ से उनके बड़े बेटे हरीश राणा के बारे में बुरी खबर मिली जो चंडीगढ़ में सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। फोन से अशोक को खबर मिली कि उनका बेटा अपने पेइंग गेस्ट हाउस की चौथी मंजिल से गिर गया है।13 सालों से अचेत अवस्था में अशोक राणा ने बताया कि अगले 13 सालों तक हरीश अचेत अवस्था में ...