निखिल पाठक, अगस्त 5 -- निखिल पाठक, नई दिल्ली दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने पुलिस की कार्यशैली पर सख्त नाराजगी जताई है और स्पष्ट किया है कि शुरुआती स्तर पर सबूतों की कमी या गवाहों के बयानों में विरोधाभास का बहाना बनाकर पुलिस किसी भी अपराध में मुकदमा दर्ज करने की अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रवि की अदालत ने यह रुख NDMC की एक महिला कर्मचारी द्वारा सहकर्मियों पर लगाए गए गंभीर उत्पीड़न और जातिसूचक टिप्पणियों के मामले में अपनाया, साथ ही मंदिर मार्ग थाना पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट को खारिज करते हुए तुरंत FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह मामला NDMC के गोल मार्केट स्थित कार्यालय में तैनात एक महिला डाटा एंट्री ऑपरेटर से जुड़ा है। पीड़िता की वकील काजल सिंघल ने अदालत को बताया कि अगस्...