रायबरेली, मार्च 8 -- रायबरेली, संवाददाता। यह धर्म युद्ध की शंखनाद यात्रा है। उन्नाव रवाना होने से पहले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उक्त बात कही। उन्होंने उन्होंनों ने चालीस दिन का समय दिया था लेकिन कुछ नहीं हुआ। देश की बहुसंख्य लोग चाहते हैं कि गाय को माता का दर्जा दिया जाए। इसे पशु सूची से हटाया जाए, और उसकी हत्या को अपराध घोषित किया जाए। जनता से वोट लेकर बनने वाली सरकारें इस पर विचार तक नहीं करती है। बीफ एक्सपोर्ट धड़ल्ले से हो रहा है। इस सरकार ने इस काम में पूर्ववर्ती सरकारों को पीछे छोड़ दिया है। 78 साल का समय बिता गया है लेकिन अब देरी नहीं होगी। हम एक हिंदू हैं, जो हमारी पीड़ा में हमारे साथ खड़ा हो वही हमारा पक्ष है, जो पीड़ा देने का कारण है वह विपक्ष है। आशुतोष ब्रह्मचारी पर हमले के सवाल पर कहा कि इसका मतलब तो यह है कि रेलवे सुरक्षित नही...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.