नई दिल्ली, अगस्त 5 -- भारत में विदेशी फंडिंग से जुड़े FCRA संशोधन विधेयक को लेकर चल रहा विवाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका के एक सांसद इस बिल को लेकर भड़क गए हैं। अमेरिकी सांसद ने यह तक कह दिया है कि इससे भारत और अमेरिका के संबंध बिगड़ सकते हैं। बता दें कि इससे पहले केंद्र सरकार जल्द ही इस बिल को संसद से पास कराने की तैयारी में है। सरकार के मुताबिक इस कानून में संशोधन का उद्देश्य फंडिंग में पारदर्शिता लाना और विदेशी फंड के इस्तेमाल में अधिक जवाबदेही तय करना है। अमेरिकी कांग्रेसमैन राइली मूर ने इस प्रस्तावित संशोधन की तीखी आलोचना करते हुए इसे ईसाइयों पर सीधा हमला करार दिया है। राइली मूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भारत में ईसाइयों के इतिहास का जिक्र करते हुए बिल का विरोध किया। मूर ने कहा, "यीशु मसीह के कुछ ही दशकों के...