फर्रुखाबाद कन्नौज, अप्रैल 20 -- फर्रुखाबाद, संवाददाता। निजी विद्यालयों में ड्रेस, कापी, किताबें और शुल्क को लेकर हल्ला मचा है। जिला प्रशासन की ओर से जनपदीय शुल्क नियामक समिति का विद्यालयों की फीस पर कोई नियंत्रण नहीं है। यही वजह है कि निजी विद्यालयों में मर्जी से 10 से 15 फीसदी तक शुल्क बढ़ा लिया जाता है। जबकि शुल्क को लेकर बकायदा नियम भी प्राविधानित किए गए हैं। इसके बाद भी नियमों का कोई पालन नहीं किया जा रहा है। 15 अप्रैल को जनपदीय शुल्क नियामक समिति की बैठक में कहने को तो कड़े फैसले लिये गये मगर उन फैसलों को प्रभावी करने की दिशा में समिति की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया। यह भी पढ़ें- यह कैसी शुल्क नियामक समिति, स्कूल मर्जी से बढ़़ा लेते फीस जिसका नतीजा है कि अभिभावक बच्चों की कापी किताबों से लेकर फीस तक के लिए मुश्किल से जूझ रहा है। इस समि...