शामली, जनवरी 21 -- जनपद में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत सरकारी दावों से कोसों दूर नजर आ रही है। शहर और ग्रामीण इलाकों में लगातार लगने वाले जाम के कारण एम्बुलेंस समय पर मरीजों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। हालात ऐसे हैं कि एम्बुलेंस में जिंदगी और मौत के बीच झूलते मरीजों को जाम में फंसे रहकर तड़पना पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद न तो ग्रीन कॉरिडोर की कोई ठोस व्यवस्था है और न ही यातायात नियंत्रण को लेकर प्रभावी पहल। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जिले में 108 एम्बुलेंस का औसत रिस्पॉन्स टाइम 6 मिनट 55 सेकेंड और 102 एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम 6 मिनट 25 सेकेंड है। विभागीय आंकड़ों में यह समय संतोषजनक दिखाया जा रहा है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। जमीनी स्तर पर देखा जाए तो जाम की वजह से एम्बुलेंस को मरीज तक पहुंचने या मरीज को अस्पताल...