नई दिल्ली, अक्टूबर 15 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट का एक आदेश बरकरार रखा। हाईकोर्ट ने यस बैंक के प्रशासक के उस फैसले को रद्द कर दिया था, जिसके तहत मार्च 2020 में 8,415 करोड़ रुपये के 'एडिशनल टियर 1' (एटी-1) बॉन्ड को राइट-ऑफ (बट्टे खाते में डालना) कर दिया गया था। 'एटी-1' बॉन्ड ऐसे बॉन्ड होते हैं जिनकी कोई निश्चित परिपक्वता अवधि नहीं होती। बैंक अपनी पूंजी का आधार बढ़ाने के लिए इन्हें जारी करते हैं। ये पारंपरिक बॉन्ड की तुलना में अधिक जोखिम वाले होते हैं और इन पर ब्याज दर भी ज्यादा मिलती है। अगर कोई बैंक मुश्किल में होता है, तो आरबीआई उसे इन बॉन्ड को रद्द करने के लिए कह सकता है। यह भी पढ़ें- SC से यस बैंक को तगड़ा झटका, एक झटके में 14% टूटा शेयर, Rs.18 के स्तर पर भाव न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मस...