यशोदा का नंदलाला.इस गाने को लिखने वाले गीतकार ने जैसे मां के दर्द को शब्द दे दिए.40 साल भी उतना कमाल
नई दिल्ली, जून 20 -- 1985 में एक फिल्म आई थी संजोग। इस फिल्म में जया प्रदा, जीतेंद्र की हिट जोड़ी ने साथ काम किया था। इससे पहले भी दोनों को कई फिल्मों में साथ देखा गया था। लेकिन संजोग एक अलग और इमोशनल कर देने वाली फिल्म थी। फिल्म में जया प्रदा डबल रोल में थीं। कहानी एक मां और उसके मर चुके बच्चे के दर्द की थी। इस दर्द को अगर गानों में पिरो दिया जाए तो कहानी ऑडियंस की आत्मा में उतर जाएगी। फिल्म का एक गाना दशकों से मां और बच्चे के प्रेम और बच्चों के लिए लोरी का काम कर रहा है। वो गाना है 'यशोदा का नंदलाला ब्रिज का उजाला है'।इस गीतकार नेगाने से आत्मा खुश कर दी फिल्म संजोग में प्रदा का किरदार अपने बेटे को एक दुर्घटना में खो देती है। लेकिन ये मां की ममता ही थी कि वो कभी यकीन ही नहीं कर पाई कि बेटा अब नहीं है। वो गुड्डे को अपना बेटा समझती, उससे खे...
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