ग्रेटर नोएडा, जुलाई 23 -- यमुना सिटी की वर्षों से अटकी और अधूरी परियोजनाओं का आठ माह में समाधान कर खरीदारों को आशियाना दिलाने की तैयारी है। इसके लिए कानूनी राय और बिल्डरों से सीधे बैठक कर कार्ययोजना तैयार की जाएगी। प्राधिकरण के इस प्रयास से चार परियोजनाओं में डेढ़ दशक से फंसे लगभग पांच हजार खरीदारों को राहत मिलने की उम्मीद है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अधिकारी ने बताया कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में कुल 11 बिल्डर परियोजनाएं हैं। इनमें से अमिताभ कांत समिति के तहत शहर सात परियोजनाएं 25 प्रतिशत रकम जमा करा चुकी हैं। इन परियोजनाओं में करीब छह हजार से अधिक खरीदार हैं, लेकिन वर्तमान में सिर्फ 450 खरीदारों की ही रजिस्ट्री हो सकी है। यह भी पढ़ें- किसानों को सेक्टरों में मिलेंगे आबादी वाले प्लॉट, यीडा ने की इस काम की तैय...