नई दिल्ली, अप्रैल 17 -- यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दो दशकों से चल रहे दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सबसे बड़े इंटरसेप्टर सीवेज प्रोजेक्ट (ISP) पर केंद्र सरकार के ऑडिट ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, Rs.2,454 करोड़ से अधिक खर्च करने के बाद भी यह प्रोजेक्ट यमुना में गिरने वाले सीवेज को रोकने में काफी हद तक नाकाम रहा है। केंद्र द्वारा कराए गए एक निरीक्षण में यह पाया गया है कि यह प्रोजेक्ट सीवेज की उस मात्रा का केवल 60 प्रतिशत ही रोक पाया है, जिसके बारे में DJB ने दावा किया था उसने यमुना में जाने से रोक दिया है। एचटी की रिपोर्ट के अनुसार, 2006 में शुरू किए गए इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का मकसद यमुना में गिरने वाले छोटे नालों को रोकना और कच्चे सीवेज को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की ओर मोड़ना था। इस साल फरवरी में केंद्र सरकार ...