उरई, अप्रैल 3 -- कालपी। यमुना नदी के कालपी में स्थापित पुलों के दोनों साइडों में लोहे के बेरिकेडिंग (जाल) स्थापित कराने की मांग को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के द्वारा दरकिनार कर दिया गया है। योजना के अटक जाने से दुर्घटनाओं की सम्भावना बढ़ती जा रही है। गौरतलब हो कि उत्तर एवं दक्षिण भारत को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग रोड में यमुना नदी कालपी में दो पुल बने हुए हैं। पहला पुल सन 1982 में बना था जबकि दूसरा पुल 2020 में बना था। दोनों पुलों के दोनों साइड में चार-चार फिट ऊंचाई की रेलिंग लगी हुई है। दरअसल दोनों पुल कालपी नगर की आबादी से सटे हुए हैं। इसलिए सुबह - शाम कई लोग मॉर्निंग वॉक के लिए जाते हैं। बताया गया कि रेलिंग की ऊंचाई कम होने की वजह से मानसिक उलझनों से त्रस्त लोग पुल की रेलिंग फांदकर यमुना में छलांग लगाकर अपने जीवन लीला समाप्त क...