यमुना-चंबल में बहुतायत में हैं कछुए, नदियों को करते हैं साफ
इटावा औरैया, मई 22 -- इटावा। 23 मई को विश्व कछुआ दिवस मनाया जाता है। यह कछुआ के संरक्षण के लिए काफी महत्वपूर्ण है। जहां तक इटावा का सवाल है यहां से यमुना और चंबल नदियां गुजरी हैं और इन दोनों नदियों में कछुआ बहुतायत में पाए जाते हैं। इनके संरक्षण का अभियान चलाया जा रहा है। कछुआ को पानी के लिए बेहद महत्वपूर्ण जीव माना जाता है। यह नदी में रहते हैं जहां पानी में पैदा होने वाले शैवाल और मृत जीवां का भोजन करके जल को प्राकृतिक रूप से प्रदूषण मुक्त करने का काम करते हैं। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में कछुओं की मौजूदगी पाई जाती है । जिले में यमुना और चंबल नदियों में इन कछुआ की 8 से 10 प्रजातियां पाई जाती हैं, हालांकि इनमें से कुछ प्रजातियां संकटग्रस्त हैं जो विलुप्त होती जा रही है। इसके लिए अभियान चलाए जाने की शुरुआत कर दी गई है। कछुओं की संख्या मे...
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