संभल, अप्रैल 11 -- शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों के संरक्षण और सुव्यवस्थित रखरखाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस्कॉन फाउंडेशन के माध्यम से वंदन योजना के तहत यमतीर्थ, चतुर्मुखकूप और पिशाचमोचन तीर्थ के रखरखाव के लिए पहल की गई है। इस संबंध में आवेदन पत्र के जरिए नगर पालिका से सहमति और अनुमति मांगी गई थी। जिसे नगर पालिका द्वारा बोर्ड की बैठक स्वीकृति मिल गई है। नगर पालिका बोर्ड की हाल में हुई बैठक में इन तीर्थ स्थलों के प्रबंधन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इन ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के स्थलों का स्वामित्व नगर पालिका के अधीन ही रहेगा, जबकि उनकी नियमित देखभाल, पूजा-पाठ और साफ-सफाई की जिम्मेदारी इस्कॉन फाउंडेशन निभाएगा। इस प्रस्ताव के तहत 25 वर्षों के लिए इस्कॉन फाउंडेशन को यह जिम्मेदार...